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9781638506485: गुज़रे ख़्वाब

Inhaltsangabe

‘गुजरे ख्वाब’ एक ऐसा ख़्वाब जो कभी देखा गया था, लेकिन पुरा ना हो सका। इस किताब में संग्रहित रचनाएं उस एक 'तुम्हारे’ को केन्द्रित रखकर रची गई है, जो हर एक व्यक्ति के अतीत का अभिन्न हिस्सा रहा है और वह जब भी ज़ेहन में आता है तो एक कविता का रूप लिए सफेद पन्नों पर सीधी रेखाओं के बीच तरंगीत भाव लिए प्रस्तुत होता है।इसके पूर्व ’सफहे ख्वाब के’ नाम से काव्य संग्रह प्रकाशित हुई थी, जिसे आप सबों का निच्छल प्रेम प्राप्त हुआ और मुझे और मजबूती से लिखने की ताकत। इसलिए इस संग्रह में पाठकों को अधिकांश कविताएं गजल के स्वरूप में मिलेंगी, जिन्हें आप गुनगुना कर पढ़ने का लुत्फ उठा सकते हैं। इस संग्रह में काफी सरल भाषा का उपयोग किया गया, जिसके कारण सभी आयु वर्ग के लोग इसका लुत्फ उठा सकते हैं।

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