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तिरंगे का चौथा रंग - Softcover

सिंह, मनोज कुमा

 
9789369533473: तिरंगे का चौथा रंग

Inhaltsangabe

कवि के जीवन के अनुभव एवं समाज में व्याप्त विसंगतियों के साथ साथ देश काल की परिस्थितियों से उत्पन्न विचारों की अभिव्यक्ति इस संकलन की लघु कविताओं में हुई है। कवि का प्रयास अपनी कविताओं के माध्यम से अपने विचारों को जनमानस में पहुंचाने का है और यदि इस प्रयास से कोई भी सकारात्मकता आती] है तो वह इसकी सफलता होगी।

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Über die Autorin bzw. den Autor

कवि मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जनपद गाजीपुर स्थित ग्राम गहमर का निवासी है जो एशिया के सबसे बड़े गांव के रूप में विख्यात है परंतु पिता के बोकारो स्टील प्लांट में कार्यरत होने के कारण उसका जन्म व प्रारंभिक शिक्षा बोकारो इस्पात नगर के केंद्रीय विद्यालय नंबर २ से हुई। बोकारो के शैक्षिक वातावरण के विज्ञानपरक होने के कारण कवि ने विज्ञान से इंटरमीडिएट की शिक्षा प्राप्त करने के उपरांत इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक भूगोल व अर्थशास्त्र में किया तथा उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के द्वारा आयोजित परीक्षा उत्तीर्ण कर वर्तमान में उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक अधिकारी के पद पर कार्यरत है। केंद्रीय विद्यालय व इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कवि के व्यक्तित्व पर अमिट छाप है और वह दोनों संस्थाओं का आजीवन आभारी रहेगा।

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