कुश्ती एक ऐसा खेल है, जहाँ मात्र शरीर ही हथियार होता है। यदि आप प्रोफेशनल पहलवान बनना चाहते हैं अथवा इसके प्रति वास्तव में गंभीर हैं तो लगातार व नियमित रूप से अपनी शारीरिक ऊर्जा शक्ति को सक्रिय रखने तथा उसे बनाए रखने के लिए ट्रेनिंग की जरूरत होती है। एक पहलवान को हर समय शारीरिक रूप से फिट व चुस्त-दुरुस्त रहना चाहिए। चाहे वह डुअल मीट्स तथा कुश्ती टूर्नामेंट्स में भाग नहीं भी ले रहा हो, लेकिन उसे स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करनी ही चाहिए। एकमात्र वर्कआउट के जरिए ही आपका वेट तथा स्ट्रेंथ मेंटेन रहेगा। कुश्ती के विविध स्वरूप हैं। इनमें आर.ए.डब्ल्यू., स्मैक डॉउन, नो वे आउट, एस.एन. मेन इवेंट्स, रेसल मैनिया, हीट, डब्ल्यू. डब्ल्यू. ई., डब्ल्यू. डब्ल्यू. डब्ल्यू. एफ., वेलोसिटी, जूनियर, सीनियर टैग टीम आदि उल्लेखनीय हैं। इस पुस्तक में खेल के सभी तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डालने की कोशिश की है। कुश्ती को अपना कॉरियर बनानेवालों, इसमें दिलचस्पी रखनेवाले छात्र-छात्राओं को खेल से जुड़े बुनियादी नियमों व तथ्यों की जानकारी भी दी गई है। निश्चित ही यह पुस्तक खेल-प्रेमियों को पसंद आएगी।
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