Verwandte Artikel zu जाट कवि: Jat Poet

जाट कवि: Jat Poet - Softcover

रनवीर सिंह

 
9798887334325: जाट कवि: Jat Poet

Inhaltsangabe

जाट कवि पुस्तक लेखन का उद्देश्य केवल यह है कि जाट समाज के ऐसे कवियों और कवयित्रियों का विवरण समाहित किया गया है जिनका काव्य जाति से भी ऊपर उठकर मानव जाति के कल्याण से सम्बन्धित रहा है और यही कारण है कि कवि की भावनाओं का सभी सम्मान करते हैं । यद्यपि सभी का विवरण समाहित करना इतना आसान नहीं है । फिर भी विभिन्न समयों में विभिन्न सन्दर्भों अनुसार उनके जीवन परिचय के साथ उनके काव्य जीवन का उल्लेख करने का एक प्रयास है ताकि आने वाले समय में अपने अतीत को जाने समझे और उनका उचित अनुसरण कर सकें ।   कवि बाबा गरीबदास , महाकवि – संत बाबा गंगादास (रानी लक्ष्मीबाई झांसी का दाह संस्कार (18 जून 1858) को अपनी कुटिया (आश्रम) में किया जहां उनकी (रानी) समाधिस्थल स्वर्ण रेखा नदी के पास ग्वालियर में स्थित है ), कवि शिवराम जावरा मथुरा, पृथ्वी सिंह बेधड़क, शमशेर बहादुर सिंह , फ़ौजी शहीद मेहर सिंह दहिया, धर्मपाल सिंह, महाकवि बलवीर सिंह “करुण”  गांव किरठल बागपत  एवं निवास अलवर राजस्थान समरवीर गोकुला (प्रबन्ध काव्य) (चौहान – लाकड़ा – जाट) , समरवीर गोकुला जाट (शहीद दिवस 1 जनवरी 1670) हल्दीघाटी युद्ध (18 जून 1576) और पानीपत की तीन लड़ाईयों (21 अप्रैल 1526, 5 नवम्बर 1556, 14 जनवरी 1761) की चर्चा सुनने को मिलती हैं । समरवीर गोकुला पर प्रबंध काव्य श्री बलवीर सिंह करुण द्वारा लिखी जा चुकी है । कवि के संक्षेप विचार – समरवीर गोकुला का युद्ध 6 दिन चला ।, कवि पदमसिंह “अलबेला”, कवि हरिओम पंवार.,  डम्बर सिंह , कवि सबरस जाट “मुरसानी”, कवि जगबीर राठी ,कवि विनीत कुमार चौहान , दिनेश रघुवंशी , डॉ. अरुणा सिंह, समोद सिंह चरौरा, श्रीमति स्वदेश सिंह चरौरा, महावीर सिंह दूर दर्शन कलाकार, भूपेन्द्र सिंह राणा , कवयित्री गीता कांकरान

Die Inhaltsangabe kann sich auf eine andere Ausgabe dieses Titels beziehen.