तोमर (तंवर/तनवर): Tomar (Tanwar) - Softcover

रनवीर सिंह

 
9798887834115: तोमर (तंवर/तनवर): Tomar (Tanwar)

Inhaltsangabe

तोमर (तंवर-तनवर) वंश  वंश परम्परा - प्राचीन काल में मनु वंश परम्परा नामक एक ही वंश था । इसके बाद एक वंश मनु पुत्रों से, एक वंश मनु पुत्री इला से प्रारम्भ हुआ । जिन्हें क्रमश: ऐतिहासिक पह्चान सूर्य वंश और चन्द्र वंश मिली । अग्नि वंश, नाग वंश, ऋषि वंश आदि बाद में प्रचलन में आये । तोमर शब्द – तुलसीदास रचित पुस्तक राम चरित मानस के लंका कांड में, तथा महाभारत में तोमर शब्द का उपयोग आया है । तोमर तलवार की तरह का ही एक हथियार होता है । तोमर - बीज तोमर सदाबहार वृक्ष का बीज, जड़ी बूटी है, जो समशीतोष्ण और उपोष्ण कटिवंधीय क्षेत्र में पाया जाता है । बीज तोमर के औषधिय गुण निम्नानुसार हैं: - यह दाँत दर्द और मुंह की गंध जैसी समस्याओं का इलाज करने में मदद करता है । डाबर कंपनी के टूथपेस्ट में तोमर बीज प्रयोग होता है । तोमर राजवंश का मूल उदगम महाभारत के योद्धा पांडव अर्जुन से है, भगवान श्री कृष्ण के फुफेरे भाई तथा बहनोई एवं अन्यय सखा अर्जुन एवं सुभद्रा के पुत्र अभिमन्यु की पत्नि उत्तरा के गर्भ से जन्मे महाराजा परीक्षित एवं उनके पुत्र जनमेजय के वंशज । दिल्ली – इसी राजवंश के आगे बढ़ते इंद्रप्रस्थ दिल्ली के राज सिंहासन पर राजा अनंगपाल सिंह तोमर सिंहासनारूढ़ हुए । तंवरों द्वारा दिल्ली बसाने का स्पष्ट उल्लेख है । दिल्ली संस्थापक महाराजा अनगपाल तंवर वंशी जाट ही थे । तोमर शासन वर्ष 734 ईसवी से 1192 ईसवी कुल 458 वर्ष का रहा है । वर्तमान में तोमर (तंवर - तनवर) गौत्र जाट, राजपूत तथा गुर्जरों मे भी मिलता है । आजकल तो अन्य जातियां भी अपने को तोमर (तंवर – तनवर) लिखती हैं । अत: ऐसी स्थिति में केवल तोमर शब्द के उपयोग से वास्तविक जाति विशेष का पता लगाना आसान नहीं है, जब तक विस्तृत विवेचना/जानकारी न हो । 

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