9798902071860: मैं कौन हूँ ?

Inhaltsangabe

यह रचनासंग्रह इंसान के मन, समाज और आत्मा — तीनों की यात्रा है। इन कविताओं में प्रेम की कोमलता है, विरह की क़सक है, समाज की कठोर सच्चाइयाँ हैं इसमें जीवन की सच्चाइयाँ हैं, रिश्तों की पेचीदगियाँ हैं, और उस मौन की गूंज है जो अक्सर अनसुना रह जाता है। कहीं प्रेम में भीगा हुआ मन है, तो कहीं विरह की तड़प; कहीं समाज की सच्चाई की चीख़ है, तो कहीं मौन में छिपा दर्द। इस संग्रह में रिश्तों का टूटना है, संवेदना की गहराई है, मनुष्य की मनोस्थिति और समय की सच्चाई दोनों का प्रतिबिंब है।

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